13.2.36Atharvaved
Sanskrit
उ॒च्चा पत॑न्तमरु॒णं सु॑प॒र्णं मध्ये॑ दि॒वस्त॒रणिं॒ भ्राज॑मानम् । पश्या॑म त्वा सवि॒तारं॒ यमा॒हुरज॑स्रं॒ ज्योति॒र्यद॑विन्द॒दत्त्रिः॑ ॥ (३६)
Hindi
ऊर्ध्वगामी, अरुण वर्ण वाले एवं शुभ गति वाले सूर्य के हम सदा तभी दर्शन करें, जब वे आकाश में गमन कर रहे हों. (३६)
English
We should always see the sun with upward, arun varna and auspicious speed only when they are moving in the sky. (36)
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