13.2.7Atharvaved
मंत्र:१३.२.७ (13.2.7)सूक्त (२)

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मंत्र:१३.२.७ (13.2.7)सूक्त (२)

सु॒खं सू॑र्य॒ रथ॑मंशु॒मन्तं॑ स्यो॒नं सु॒वह्नि॒मधि॑ तिष्ठ वा॒जिन॑म् । यं ते॒ वह॑न्ति ह॒रितो॒ वहि॑ष्ठाः श॒तमश्वा॒ यदि॑ वा स॒प्त ब॒ह्वीः ॥ (७)

हे सूर्य देव! तुम अपने उस रथ पर बैठो जो अग्नि के समान ज्योति वाला तथा वेग से चलने वाला है. तुम ने प्रकाश करने वाले सौ अथवा अधिक सात घोड़ों को अपने रथ में जोड़ा है. (७)

O Sun God! Sit on your chariot which is as bright as agni and moving at a fast pace. You have added a hundred or more seven lighting horses to your chariot. (7)