13.2.8Atharvaved
मंत्र:१३.२.८ (13.2.8)सूक्त (२)

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मंत्र:१३.२.८ (13.2.8)सूक्त (२)

स॒प्त सूर्यो॑ ह॒रितो॒ यात॑वे॒ रथे॒ हिर॑ण्यत्वचसो बृह॒तीर॑युक्त । अमो॑चि शु॒क्रो रज॑सः प॒रस्ता॑द्वि॒धूय॑ दे॒वस्तमो॒ दिव॒मारु॑हत् ॥ (८)

सूर्य अपनी माया के लिए अपने रथ में सुनहरी त्वचा वाले तथा हरे रंग के सात घोड़ों को जोड़ते हैं. वे अंधकार का विनाश करते हुए उन घोड़ों को छोड़ कर अपने लोक में चले जाते हैं. (८)

The sun adds seven horses with golden skin and green color to his chariot for his maya. They leave those horses and go to their world, destroying darkness. (8)