13.7.2Atharvaved
मंत्र:१३.७.२ (13.7.2)सूक्त (७)
Shlok 1 of 1
स वै रात्र्या॑ अजायत॒ तस्मा॒द्रात्रि॑रजायत ॥ (२)
रात्रि उन्हीं ब्रह्म से प्रकट हुई और वे रात्रि से उत्पन्न हुए. (२)
The night appeared from the same Brahman and he was born from the night. (2)