15.6.1Atharvaved
मंत्र:१५.६.१ (15.6.1)सूक्त (६)

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मंत्र:१५.६.१ (15.6.1)सूक्त (६)

स ध्रु॒वांदिश॒मनु॒ व्यचलत् ॥ (१)

वह व्रात्य ध्रुव दिशा की ओर चल पड़ा. (१)

He walked towards the pole direction. (1)