16.7.6Atharvaved
मंत्र:१६.७.६ (16.7.6)सूक्त (७)

Shlok 1 of 1

मंत्र:१६.७.६ (16.7.6)सूक्त (७)

निर्द्वि॒षन्तं॑दि॒वो निः पृ॑थि॒व्या निर॒न्तरि॑क्षाद्भजाम ॥ (६)

जो हम से द्वेष करता है, उसे हम आकाश, पृथ्वी और अंतरिक्ष से दूर भगाते हैं. (६)

We drive away the one who hates us from the sky, earth and space. (6)