16.7.8Atharvaved
मंत्र:१६.७.८ (16.7.8)सूक्त (७)
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इ॒दम॒हमा॑मुष्याय॒णे॒मुष्याः॑ पु॒त्रे दुः॒ष्वप्न्यं॑ मृजे ॥ (८)
हे उत्तम नियामक और निरीक्षक! मैं बुरे स्वप्न से होने वाले फल को अमुक गोत्र वाले तथा अमुक स्त्री के पुत्र के पास भेजता हूं. (८)
O best regulator and inspector! I send the fruit of the bad dream to the son of such a tribe and such a woman. (8)