20.6.1Atharvaved
मंत्र:२०.६.१ (20.6.1)सूक्त (६)

Shlok 1 of 1

मंत्र:२०.६.१ (20.6.1)सूक्त (६)

इन्द्र॑ त्वा वृष॒भं व॒यं सु॒ते सोमे॑ हवामहे । स पा॑हि॒ मध्वो॒ अन्ध॑सः ॥ (१)

हे कामनाओं की वर्षा करने वाले इंद्र! हम यजमान निचोड़े हुए सोम को पीने के लिए तुम्हें बुलाते हैं. तुम मधुर सोम का पान करो. (१)

O Indra, who showers desires! We call you to drink the host squeezed Mon. You drink sweet soma. (1)