5.4.2Atharvaved
मंत्र:५.४.२ (5.4.2)सूक्त (४)

Shlok 1 of 1

मंत्र:५.४.२ (5.4.2)सूक्त (४)

सु॑पर्ण॒सुव॑ने गि॒रौ जा॒तं हि॒मव॑त॒स्परि॑ । धनै॑र॒भि श्रु॒त्वा य॑न्ति वि॒दुर्हि त॑क्म॒नाश॑नम् ॥ (२)

गरुड़ को उत्पन्न करने वाले हिमवंत पर्वत के ऊपर उत्पन्न होने वाली इस ओषधि के विषय में हम ने लोगों से सुना और अन्न ले कर वहां गए. इस प्रकार हम ने इस ओषधि को प्राप्त किया. (२)

We heard about this medicine originating on the Himwant mountain, which produces Garuda, and went there with food. Thus we received this medicine. (2)