5.4.6Atharvaved
मंत्र:५.४.६ (5.4.6)सूक्त (४)
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इ॒मं मे॑ कुष्ठ॒ पूरु॑षं॒ तमा व॑ह॒ तं निष्कु॑रु । तमु॑ मे अग॒दं कृ॑धि ॥ (६)
हे कूठ! मेरे इस पुरुष को अपने समीप ले कर और इस रोग से छुटकारा दिला कर स्वस्थ बनाओ. (६)
Oh my god! Make this man of mine healthy by taking him close to you and getting rid of this disease. (6)