7.1.2Atharvaved
Sanskrit
स वे॑द पु॒त्रः पि॒तरं॒ स मा॒तरं॒ स सू॒नुर्भु॑व॒त्स भु॑व॒त्पुन॑र्मघः । स द्यामौ॑र्णोद॒न्तरि॑क्षं॒ स्वः स इ॒दं विश्व॑मभव॒त्स आभ॑वत् ॥ (२)
Hindi
भलीभांति जानने वाले पुत्रों को अनर्थ से बचाने वाला प्रजापति द्युलोक तथा पृथ्वी को जानता है. वह प्रजापति संसार के लोगों को अपनेअपने कर्म करने की प्रेरणा देता है. वह आकाश तथा पृथ्वी को अपनी महिमा से व्याप्त करता है. वह प्रजापति ही यह दिखाई देता हुआ विश्व बन गया है. (२)
English
Prajapati, who saved well-known sons from disaster, knows Dyulok and the earth. That Prajapati inspires the people of the world to do their own deeds. He pervades the heavens and the earth with His glory. That Prajapati has become this visible world. (2)
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