9.6.2Atharvaved
मंत्र:९.६.२ (9.6.2)सूक्त (६)

Shlok 1 of 1

मंत्र:९.६.२ (9.6.2)सूक्त (६)

सामा॑नि॒ यस्य॒ लोमा॑नि॒ यजु॒र्हृद॑यमु॒च्यते॑ परि॒स्तर॑ण॒मिद्ध॒विः ॥ (२)

सामवेद के मंत्र जिस के रोम हैं और परिस्तरण जिस का हवि है. (२)

The mantras of samaveda which have rom and paristaran which has havi. (2)