9.6.5Atharvaved
मंत्र:९.६.५ (9.6.5)सूक्त (६)

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मंत्र:९.६.५ (9.6.5)सूक्त (६)

या ए॒व य॒ज्ञ आपः॑ प्रणी॒यन्ते॒ ता ए॒व ताः ॥ (५)

जिन्हें यज्ञ में लाया जाता है, ये वे ही जल हैं. (५)

Those who are brought to the yajna are the water. (5)