Sanskrit

यदा॑वस॒थान्क॒ल्पय॑न्ति सदोहविर्धा॒नान्ये॒व तत्क॑ल्पयन्ति ॥ (७)

Hindi

जो टखनों की कल्पना करता है, वही मानो हवि धान्य का निर्माण है. (७)

English

He who imagines the ankles is as if the creation of havi grain. (7)