Sanskrit

यस्य॒ त्री पू॒र्णा मधु॑ना प॒दान्यक्षी॑यमाणा स्व॒धया॒ मद॑न्ति । य उ॑ त्रि॒धातु॑ पृथि॒वीमु॒त द्यामेको॑ दा॒धार॒ भुव॑नानि॒ विश्वा॑ ॥ (४)

Hindi

जिस विष्णु के मधु से पूर्ण एवं क्षीणतारहित तीन चरणों ने अन्न द्वारा मनुष्यों को प्रसन्न किया है, उन्होंने अकेले ही तीनों धातुओं, धरती, आकाश एवं समस्त लोकों को धारण किया है. (४)

English

Vishnu, whose three stages, complete and without decay from honey, have pleased man through food, he alone possesses all the three metals, the earth, the sky and all the realms. (4)