1.19.1Rigved
श्लोक:१.१९.१ (1.19.1)सूक्त (१९)

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श्लोक:१.१९.१ (1.19.1)सूक्त (१९)

प्रति॒ त्यं चारु॑मध्व॒रं गो॑पी॒थाय॒ प्र हू॑यसे । म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि ॥ (१)

हे अग्नि! तुम इस सुंदर यज्ञ में सोमपान करने के लिए बुलाए जा रहे हो, इसलिए तुम मरुद्गणों के साथ आओ. (१)

O fire! You are being called to sompan in this beautiful yajna, so you come with the marudgans. (1)