Sanskrit

श॒तं वा॒ यः शुची॑नां स॒हस्रं॑ वा॒ समा॑शिराम् । एदु॑ नि॒म्नं न री॑यते ॥ (२)

Hindi

जिस प्रकार पानी अपने आप नीचे की ओर बहता है, उसी प्रकार इंद्र सैकड़ों संख्या वाले विशुद्ध सोमरस एवं हजारों संख्या वाले आशीर मिश्रित सोमरस के समीप आते हैं. (२)

English

Just as the water flows downwards on its own, Indra comes close to the pure Somras of hundreds and the ashir mixed someras of thousands. (2)