Sanskrit
अत॑ उ त्वा पितु॒भृतो॒ जनि॑त्रीरन्ना॒वृधं॒ प्रति॑ चर॒न्त्यन्नैः॑ । ता ईं॒ प्रत्ये॑षि॒ पुन॑र॒न्यरू॑पा॒ असि॒ त्वं वि॒क्षु मानु॑षीषु॒ होता॑ ॥ (४)
Hindi
हे अन्नवर्धक अग्नि! सारे संसार को धारण करने वाली और उत्पन्न करने वाली ओषधियां अन्न के कारण तुम्हारी सेवा करती हैं. तुम सूखे वृक्षों के पास दावाग्नि के रथ में जाते हो. तुम मानव प्रजाओं के होता हो. (४)
English
O grain giver agni! we praise you, the sustainer and creator of the Medicines of the whole world. You go in a chariot of Davagni near dry trees. You belong to human beings. (4)
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