Sanskrit
त्वाम॑ग्न आदि॒त्यास॑ आ॒स्यं१॒॑ त्वां जि॒ह्वां शुच॑यश्चक्रिरे कवे । त्वां रा॑ति॒षाचो॑ अध्व॒रेषु॑ सश्चिरे॒ त्वे दे॒वा ह॒विर॑द॒न्त्याहु॑तम् ॥ (१३)
Hindi
हे अग्नि! आदित्यों ने तुम्हें सुख दिया है. हे कवि! पवित्र देवों ने तुम्हारी जीभ बनाई है. यज्ञ की हवि के कारण एकत्र देव यज्ञ में तुम्हारी प्रतीक्षा करते हैं एवं दिया हुआ हवि तुम्हारे द्वारा ही भक्षण करते हैं. (१३)
English
O agni! Adityas have made you happy. O poet! The Holy Gods have made your tongue. Due to the havan of the yajna, the gods gathered wait for you in the yajna and the given havi devours through you. (13)
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