Sanskrit
त्वे अ॑ग्ने॒ विश्वे॑ अ॒मृता॑सो अ॒द्रुह॑ आ॒सा दे॒वा ह॒विर॑द॒न्त्याहु॑तम् । त्वया॒ मर्ता॑सः स्वदन्त आसु॒तिं त्वं गर्भो॑ वी॒रुधां॑ जज्ञिषे॒ शुचिः॑ ॥ (१४)
Hindi
हे अग्नि! मरणरहित एवं दोषहीन समस्त देव तुम्हारे मुख में डाली गई आहुति के भक्षण के रूप में ही हवि ग्रहण करते हैं. मनुष्य भी तुम्हारी सहायता से ही अन्न का स्वाद लेते हैं. तुम लता, वृक्ष आदि में रहते हो एवं पवित्र होकर जन्म लेते हो. (१४)
English
O agni! All the god, without death and blameless, receives havan as a devotee of the sacrifice put in your mouth. Humans also taste food with your help. You live in creepers, trees, etc. and are born holy. (14)
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