Sanskrit

त्वाम॑ग्ने पि॒तर॑मि॒ष्टिभि॒र्नर॒स्त्वां भ्रा॒त्राय॒ शम्या॑ तनू॒रुच॑म् । त्वं पु॒त्रो भ॑वसि॒ यस्तेऽवि॑ध॒त्त्वं सखा॑ सु॒शेवः॑ पास्या॒धृषः॑ ॥ (९)

Hindi

हे अग्नि! तुम्हें पिता समझकर लोग यज्ञ द्वारा तृप्त करते हैं. तुम्हारा भ्रातृप्रेम पाने के लिए लोग यज्ञो द्वारा तुम्हें प्रसन्न करते हैं. जो तुम्हारी सेवा करते हैं, तुम उनके पुत्र, सखा, कल्याणकर्तता एवं शत्रुनाशक बनकर उनकी रक्षा करो. (९)

English

O agni! Considering you as a father, people satisfy you through yajna. People please you by sacrificing to get your fraternal love. Those who serve you, protect them as their sons, their servants, the doers of welfare and the enemies. (9)