Sanskrit
अध्व॑र्यवो॒ यः श॒तमा स॒हस्रं॒ भूम्या॑ उ॒पस्थेऽव॑पज्जघ॒न्वान् । कुत्स॑स्या॒योर॑तिथि॒ग्वस्य॑ वी॒रान्न्यावृ॑ण॒ग्भर॑ता॒ सोम॑मस्मै ॥ (७)
Hindi
हे अध्वर्युजनो! जिस शत्रुहननकर्ता इंद्र ने सौ हजार असुरों को धरती की गोद में मारकर गिरा दिया एवं जिन्होंने कुत्स, आयु और अतिथिग्व के विरोधियों का नाश किया उन्हीं इंद्र के लिए सोमरस लाओ. (७)
English
O adhwaryujano! Bring someras for indra, the enemy who killed and threw down a hundred thousand asuras in the lap of the earth and those who destroyed the opponents of kuts, age and atithigava. (7)
Shlok 1 of 1