Sanskrit

क॒विर्न नि॒ण्यं वि॒दथा॑नि॒ साध॒न्वृषा॒ यत्सेकं॑ विपिपा॒नो अर्चा॑त् । दि॒व इ॒त्था जी॑जनत्स॒प्त का॒रूनह्ना॑ चिच्चक्रुर्व॒युना॑ गृ॒णन्तः॑ ॥ (३)

Hindi

कवि के समान गूढ़ कार्यो का साधन करते हुए कामवर्षी इंद्र जब सोमरस को अधिक मात्रा में पीकर उसके प्रति आदर प्रकट करते हैं, तब स्वर्ग से सात किरणें वास्तव में उत्पन्न करते हैं. स्तुति की जाती हुई सूर्यकिरणें दिन में भी मनुष्यों को ज्ञान कराती हैं. (३)

English

While doing the same esoteric work as a poet, when the kamavarshi Indra, drinks somras in excess and pays respect to him, he actually produces seven rays from heaven. The sun rays praised give knowledge to humans even during the day. (3)