Sanskrit

अधा॒ ह्य॑ग्न एषां सु॒वीर्य॑स्य मं॒हना॑ । तमिद्य॒ह्वं न रोद॑सी॒ परि॒ श्रवो॑ बभूवतुः ॥ (४)

Hindi

हे अग्नि! हम यजमानों को तुम ऐसा बल दो, जिसका वरण सब करना चाहते हैं. धरती और आकाश ने महान्‌ सूर्य के समान श्रवण करने योग्य अग्नि को ग्रहण किया था. (४)

English

O agni! Give us hosts the strength that everyone wants to choose. The earth and the sky had eclipsed the hearingable agni like the great sun. (4)