Sanskrit
कदु॑ स्तु॒वन्त॑ ऋतयन्त दे॒वत॒ ऋषिः॒ को विप्र॑ ओहते । क॒दा हवं॑ मघवन्निन्द्र सुन्व॒तः कदु॑ स्तुव॒त आ ग॑मः ॥ (१४)
Hindi
हे इंद्र देव! कौन स्तुति करने वाला तुम्हारे लिए यज्ञ पूर्ण करने की अभिलाषा करता है? कोन बुद्धिमान् ऋषि तुम्हारी स्तुति करने की सामर्थ्य रखता है? हे धनस्वामी इंद्र! तुम सोमरस निचोड़ने वाले की पुकार पर कब आते हो? तुम स्तोता के बुलाने पर कब आते हो? (१४)
English
O Indra Dev! Which praiser wishes to complete the yajna for you? Which wise sage has the power to praise you? O Dhanswami Indra! When do you come to the call of the somerus squeezer? When do you come when the psalm calls? (14)
Shlok 1 of 1