Sanskrit
इ॒मे हि ते॑ का॒रवो॑ वाव॒शुर्धि॒या विप्रा॑सो मे॒धसा॑तये । स त्वं नो॑ मघवन्निन्द्र गिर्वणो वे॒नो न शृ॑णुधी॒ हव॑म् ॥ (१८)
Hindi
हे इंद्र! यज्ञकर्म करने वाले एवं बुद्धिमान् ये यजमान यज्ञ में सम्मिलित होने के लिए तुम्हारी स्तुतियां बोलते हैं. हे धनस्वामी एवं स्तुतियोग्य इंद्र! जिस प्रकार अभिलाषी व्यक्ति ध्यान से सुनता है, उसी प्रकार तुम हमारी पुकार सुनो. (१८)
English
O Indra! These yajmaans and wise do the yajnakarma speak your praises for joining the yajna. O rich and praiseworthy Indra! Just as the desireful person listens carefully, so do you listen to Our call. (18)
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