Sanskrit

निर॒ग्नयो॑ रुरुचु॒र्निरु॒ सूर्यो॒ निः सोम॑ इन्द्रि॒यो रसः॑ । निर॒न्तरि॑क्षादधमो म॒हामहिं॑ कृ॒षे तदि॑न्द्र॒ पौंस्य॑म् ॥ (२०)

Hindi

हे इंद्र! तुमने अंतरिक्ष से विशाल एवं हिंसक वृत्र को हटाकर अपनी शक्ति को प्रकाशित किया. उस समय सभी अग्नियां, सूर्य एवं इंद्र को प्रसन्न करने वाले सोमरस प्रकाशित हुए थे. (२०)

English

O Indra! You have illuminated your power by removing the huge and violent circle from space. At that time all the agnis, the Somras, which pleased the sun and Indra, were illuminated. (20)