Sanskrit

अ॒यं स॒हस्र॒मृषि॑भिः॒ सह॑स्कृतः समु॒द्र इ॑व पप्रथे । स॒त्यः सो अ॑स्य महि॒मा गृ॑णे॒ शवो॑ य॒ज्ञेषु॑ विप्र॒राज्ये॑ ॥ (४)

Hindi

ये इंद्र हजारों ऋषियों की शक्ति के सहारे उन्नति को प्राप्त हुए हैं. इंद्र की वास्तविक महिमा का वर्णन ब्राहमणों के राज्यरूप यज्ञ में किया जाता है. (४)

English

These Indras have attained progress with the power of thousands of sages. The true glory of Indra is described in the yajna, the kingdom form of the Brahmins. (4)