Sanskrit

अ॒स्मे आ व॑हतं र॒यिं श॒तव॑न्तं सह॒स्रिण॑म् । पु॒रु॒क्षुं वि॒श्वधा॑यसम् ॥ (१५)

Hindi

हे अश्विनीकुमारो! हमें सैकड़ों और हजारों प्रकार का, बहुतों द्वारा प्रशंसनीय एवं सबको धारण करने वाला धन वहन करके लाओ. (१५)

English

O Ashwinikumaro! Bring us hundreds and thousands of kinds, admirable by many and bearing all the money. (15)