2.4.5Samved
मंत्र:२.४.५ (2.4.5)खंड (४)

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मंत्र:२.४.५ (2.4.5)खंड (४)

गौर्धयति मरुताँ श्रवस्युर्माता मघोनाम् । युक्ता वह्नी रथानाम् ॥ (५)

पृथ्वी माता धनसंपन्न हैं. वे मरुतों के रथ में जुड़ी हुई हैं. वे सब ओर पूजित हैं. वे अन्न आदि उत्पन्न कर के अपने पुत्रों का पालनपोषण करती हैं. (५)

Mother Earth is rich. They are connected in the chariot of maruts. They are worshipped everywhere. They raise their sons by producing food etc. (5)